भारत ने 20% एथेनॉल पेट्रोल का लक्ष्य समय से पहले पूरा किया, लेकिन लोग हुए नाराज़
भारत ने तय समय से पाँच साल पहले ही 20% एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) का लक्ष्य हासिल कर लिया है। सरकार इसे बड़ी उपलब्धि मान रही है, लेकिन कई वाहन मालिक इससे खुश नहीं हैं।
क्यों बनाया गया एथेनॉल पेट्रोल?
सरकार का कहना है कि एथेनॉल पेट्रोल से प्रदूषण कम होगा, तेल आयात पर खर्च घटेगा और किसानों को गन्ना व दूसरी फसलों से एथेनॉल बनाने पर ज्यादा कमाई होगी।
लोग क्यों नाराज़ हैं?
कई गाड़ी मालिकों ने शिकायत की है कि:
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गाड़ी का माइलेज कम हो गया है।
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इंजन और सर्विसिंग का खर्च बढ़ गया है।
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उन्हें इस नए ईंधन के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट मानते हैं कि नए मॉडल की गाड़ियां E20 पेट्रोल के लिए ठीक हैं, लेकिन पुराने मॉडल में माइलेज और परफॉर्मेंस की दिक्कत आ सकती है।
सरकार का जवाब
तेल मंत्रालय का कहना है कि इससे देश का प्रदूषण घटेगा, किसान खुशहाल होंगे और भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
आख़िर में
ये पहल पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी है, लेकिन अगर जनता को सही जानकारी और सुविधाएँ नहीं दी गईं तो नाराज़गी बढ़ सकती है।

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